Thursday, 13 July 2017

हुँकार




हौंसलों  को देख हमारे
खौफ़ तो खाते ही हो तुम
जिस दिन ठान लेंगे हम
कसम से,
वो दिन तुम्हारा आख़िरी होगा।

बहुत पैगाम देते हो मिडिया पर
आतंक की नुमाइंदगी का
जिस दिन गरजेंगे हम तुम पर
कसम से,
वो पैगाम तुम्हारा आख़िरी होगा।

ख़ुदा को बदनाम कर रहे
तुम वहशी भेड़िये कायर हो
जिस दिन आमना-सामना होगा
कसम से,
वो मुक़ाम तुम्हारा आख़िरी होगा।

दुआ करो खुद़ा से वो दिन जल्द आये
तुम जन्नत की सैर करो और हूर तुम्हारे पैर दबाये।

बहुत खून की नदियाँ बह चुकी
जेहाद के नाम पर धरती में
जब कफन बाँधकर निकलेंगे हम
कसम से, 
वो जेहाद तुम्हारा आख़िरी होगा।
#mhicha


कई भाई लोग साथ आ रहे हैं, अच्छा लग रहा है, एक नया भारत दिख रहा है। आजाद हिंद के सपनो का अब फिर परचम लहरा है। उन्नति के शिखरों में अब राज्य ह...