मेरे मित्र त्रिभुवन महरा जी के इस गीत को सुनें एवं बताएं कि आपको कैसा लगा। पिथौरागढ़ के उभरते सितारे। मुझे यो ये आवाज़ काफी मीठी लगी यदि आपके दिल को भी ये आवाज़ छू जाये तो ज़रूर शेयर करें।
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कई भाई लोग साथ आ रहे हैं, अच्छा लग रहा है, एक नया भारत दिख रहा है। आजाद हिंद के सपनो का अब फिर परचम लहरा है। उन्नति के शिखरों में अब राज्य ह...
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पुण्यवेला ये आयी है अब हर्ष बहार की बाढ़ है संघर्षों, उन कर्मों का ये गणतंत्र दिवस प्रमाण है। जी वीरों के दम पर ये भारत मेरा आजाद हुआ जिन...
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Four universally burning as flame Thundering across the reddish sky All the gods, humans and demons were frightened and unaware ...
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