Monday, 24 January 2022
Sunday, 2 May 2021
भुवन जोशी को समर्पित भावपूर्ण श्रद्धांजलि
आया था प्यार का पैगाम लेकर गांव में तेरे
क्या पता था नफरत का कारोबार होता है यहाँ
हैवानियत भी शब्द छोटा लगा देख ये मंजर
तेरे गाँव में कातिलों का मेला लगा था जहाँ
मेरा कसूर ही तो था जो दिल्लगी का जूनून सवार था
फरेब और झूठ से दिल लगाने का अंजाम मौत ही तो है यहाँ
मेरा कातिल मैं तुझे कहुँ, या चंद लोगों को गांव में तेरे
लोगो की मानें तो भीड़ में शामिल हर शख्स कातिल है यहाँ
वो लड़की भी जिसे मिलकर मौत को गले लगाया यहाँ
वो बाप भी जिसने पूरा कसूर ही मेरा पाया वहाँ
वो प्रधान भी कातिल जिसने बेल्ट घूसों से नवाजा मुझे
वो तमाम लोग जिन्होंने हाथों से मारा मुझे
और वो बूढ़ी दादी भी जो मुझ पर तरस खा न सकी
वो महिलाएं जो मेरे खून देख आंसू बहा न सकी
वो अंकल जो मेरी मिन्नतों को अनसुना करते रहे
वो तमाशबीन लड़के भी जो दरिंदों क चंगुल से मुझे बचा न सके
पर शुक्रगुजार हूँ मैं कुछ लोगों का गाँव में तेरे
जिनके कैमरों ने सच को उजागर किया
शुक्रगुजार हूँ दोस्तों का जिन्होंने मेरी मौत पर
इंसाफ माँगा और अपने प्यार का उपहार दिया
मेरे पापा मुझे माफ़ करना मैं लाठी न बन सका बुढ़ापे की
माँ के साथ रहूँगा स्वर्ग में तुम फ़िक्र न करना यहाँ
और मेरे कातिलों तुम भी नर्क भोगोगे इसी दुनिया में
अब कोई न आएगा प्यार का पैगाम लेकर गाँव में तेरे।
Friday, 30 April 2021
Monday, 8 February 2021
Saturday, 26 January 2019
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
Tuesday, 21 August 2018
सब तेरे खुद के बस में है
Thursday, 9 August 2018
Saturday, 4 August 2018
Thursday, 2 August 2018
Monday, 30 July 2018
Sunday, 29 July 2018
कई भाई लोग साथ आ रहे हैं, अच्छा लग रहा है, एक नया भारत दिख रहा है। आजाद हिंद के सपनो का अब फिर परचम लहरा है। उन्नति के शिखरों में अब राज्य ह...
-
हँसते मुस्कराते ये पल जीवन में रहते हैं ऐसे साथी पलभर के जीवन में बनकर के रहते हैं जैसे खुशियों में जब हम खो जाते हैं दुख रहते हैं दूर...
-
कहने को तो बात बहुत हैं, छिपे हुए कुछ राज बहुत हैं पत्थर नहीं आदम हूँ मैं, दिल में दफ़न जज्बात बहुत हैं। क्यों? क्या नहीं जानते हो?...







