अधूरी हसरतें...........
कुछ तो कहा होता
कुछ तो सुना होता
हमारे प्यार का कुछ तो
ताना बाना बुना होता
मुकम्मल होता
महकता साँसों में
उस वक्त
जब मैंने तुझे चूमा होता
थम जाती साँसें
रक्त उफान पर होता
आँखों की जुगलबंदी होती
इश्क मुकाम पर होता
दिल की चौखट पर
दस्तक तो तेरे भी होती
अगर मैं कुछ यूँ
बदनाम न होता
तेरा शर्माना भी जायज होता
मेरा मनाना भी जायज होता
तू बाहों में झूले झूला करती
तुझको सीने से लगाना भी होता
मेरे कंधों पर तेरा सर होता
उसे प्यार से सहलाना भी होता
ये सब कुछ होता अगर
दिल से तूने अपनाया होता
By
Hem Chandra Tiwari
mhicha
कुछ तो कहा होता
कुछ तो सुना होता
हमारे प्यार का कुछ तो
ताना बाना बुना होता
मुकम्मल होता
महकता साँसों में
उस वक्त
जब मैंने तुझे चूमा होता
थम जाती साँसें
रक्त उफान पर होता
आँखों की जुगलबंदी होती
इश्क मुकाम पर होता
दिल की चौखट पर
दस्तक तो तेरे भी होती
अगर मैं कुछ यूँ
बदनाम न होता
तेरा शर्माना भी जायज होता
मेरा मनाना भी जायज होता
तू बाहों में झूले झूला करती
तुझको सीने से लगाना भी होता
मेरे कंधों पर तेरा सर होता
उसे प्यार से सहलाना भी होता
ये सब कुछ होता अगर
दिल से तूने अपनाया होता
By
Hem Chandra Tiwari
mhicha






